परिकल्पना ब्लॉग उत्सव जैसे आयोजन आत्मचिंतन, आत्म विश्लेषण तथा एक दूसरे से स्वस्थ संवाद स्थापित करने में सहायक सिद्ध हो, इससे बड़ी और कोई भूमिका मेरी दृष्टि में नहीं हो सकती है ....ब्लोगिंग की दुनिया एक मायानगरी है जो आपका महत्वपूर्ण समय नष्ट करने की ताक़त रखती है । अत: ब्लोगिंग को अपनी विवशता न बनाएं अपितु अपनी चिन्तनशील वैचारिक अभिव्यक्ति की तीब्रता के लिए ब्लोगिंग को माध्यम बनाएं ...!
() प्रेम जनमेजय, व्यंग्यकार
कैनविज टाईम्स (हिंदी साप्ताहिक )
लखनऊ संस्करण /०१ अगस्त२०१०
कैनविज़ टाईम्स में ब्लोगोत्सव की चर्चा
मंगलवार, 7 सितम्बर 2010
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6 comments:
बहुत बहुत बधाई।
बिलकुल सही कहा आपने। बहुत बहुत बधाई।
बहुत बहुत बधाई।
बधाईयाँ !
ब्लोगोत्सव हिंदी ब्लोगिंग के लिए इस सदी की बड़ी उपलब्धि है ...इसमें कोई संदेह नहीं !
ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुंचाईये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ
‘‘ आदत यही बनानी है ज्यादा से ज्यादा(ब्लागों) लोगों तक ट्प्पिणीया अपनी पहुचानी है।’’
हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।
मालीगांव
साया
लक्ष्य
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