समय थम गया है , मंच पर मौजूद है हमारी आर्मी..... जी हाँ ये यहाँ आने से खुद को रोक नहीं पाए हैं ....

देखें ये जूनून ........






क्या समा है, क्या अनोखा दृश्य , अनुपम छटा... और अपराजिता कल्याणी -
(सुरतिया मतवारी )



4 comments:

mala ने कहा… 10 जून 2010 को 5:11 pm

अपराजिता कल्याणी को
सुन कर मन प्रसन्न हुआ।

पूर्णिमा ने कहा… 10 जून 2010 को 5:19 pm

क्या समा बाँधा है,अच्छा लगा सुन कर.

ललित शर्मा ने कहा… 10 जून 2010 को 5:35 pm

बहुत सुंदर

 
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